पश्चिम बंगाल से नेपाल को 24 मीट्रिक टन मूंगफली का निर्यात

मूंगफली की खेती में आने वाले महीनों में देश के किसानों को मुनाफा ही मुनाफा होने वाला है। जानिए सरकार के किस प्रयास से होगा फायदा.....

केकेबी ब्यूरो
पूर्वी क्षेत्र से मूंगफली के निर्यात को बढ़ाने की संभावनाओं के द्वार खोलने के तहत पश्चिम बंगाल से नेपाल को 24 मीट्रिक टन (एमटी) मूंगफली का निर्यात किया गया है।

पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले के किसानों से मूंगफली खरीदी गई और उसे कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपेडा) के साथ पंजीकृत लाडूराम प्रोमोटर्स प्रा.लि. कोलकाता ने निर्यात किया।

पारंपरिक रूप से देखा जाये तो मूंगफली के निर्यात में गुजरात और राजस्थान की बड़ी हिस्सेदारी है। पश्चिम बंगाल से मूंगफली के निर्यात करने पर देश के पूर्वी इलाके में फसल की निर्यात क्षमता में इजाफा होगा।

उल्लेखनीय है कि 2020-21 के दौरान भारत ने 5381 करोड़ रुपये की कीमत की 6.38 लाख टन मूंगफली का निर्यात किया है। मूंगफली मुख्य रूप से इंडोनेशिया, वियतनाम, फिलीपीन्स, मलेशिया, थाईलैंड, चीन, रूस, युक्रेन, संयुक्त अरब अमीरात और नेपाल जैसे देशों को निर्यात की जाती है।

पीनट डॉट नेट जैसी पहलों के जरिये एपेडा ने मूंगफली के निर्यात को आकार दिया है। इस प्रक्रिया में क्रेता पंजीकरण, अपेडा में पंजीकृत मूंगफली इकाईयों द्वारा सामान के बैच का निर्धारण, निर्यात प्रमाणपत्र के लिये आवेदन और निर्यातक द्वारा कंटेनरों में माल भरने का प्रमाणपत्र शामिल है।

कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने तिलहन के उत्पादन का जो अग्रिम अनुमान लगाया है, उसके अनुसार 2020-21 में मूंगफली उत्पादन 101.19 लाख टन होगा, जबकि 2019-20 में इसका उत्पादन अनुमान 99.52 लाख टन था।

देश में गुजरात मूंगफली का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। उसके बाद राजस्थान, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल आते हैं। मूंगफली की फसल खरीफ और रबी, दोनों मौसमों में होती है। कुल पैदावर में खरीफ मौसम का हिस्सा 75 प्रतिशत से अधिक है।