चौपाल
कृषि मंत्री बोले, किसानों की आय बढ़ाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता

Farmers Income: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कृषि संबंधी सवालों के जवाब देते हुए विपक्ष पर जोरदार हमला बोला. कृषि मंत्री ने कहा कि विपक्ष में बैठे लोगों ने कभी भी किसानों का भला नहीं किया. कृषि मंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना देश के किसानों के लिए वरदान बनकर आई है और आज यह बीमा आवेदनों के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना है.
कांग्रेस पर शिवराज सिंह चौहान का हमला
शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, कांग्रेस की सरकार में जो फसल बीमा योजना थी, उसमें तहसील और ब्लाक इकाई होती थी और इसका मतलब होता था कि अगर एक किसान की फसल खराब होती है तो उसे राहत नहीं मिलेगी, 10 गांवों की फसल खराब हो जाएं तो भी किसानों को मुआवज़ा नहीं मिलेगा. जब पूरी तहसील की फसल खराब होगी, तभी किसानों को राहत दी जाएगी. शिवराज सिंह चौहान ने कहा, किसान भगवान से प्रार्थना करते थे कि पूरी तहसील की फसल बर्बाद हो जाएं ताकि उन्हें मुआवजा मिल सके.
फसल बीमा के रूप में 1.72 लाख करोड़ मिले किसानों को
शिवराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस की फसल बीमा योजना में बदलाव करते हुए हमारी सरकार ने योजना की इकाई गांव को बनाने का काम किया है. पहले स्थानीय आपदाफसल बीमा योजना में शामिल नहीं थी लेकिन हमने स्थानीय आपदा को भी शामिल कर ये तय कर दिया है कि एक किसान का भी नुकसान होगा तो उसे भरपाई की जाएगी. उस समय की योजना में अनेकों विसंगतियां थी. तब उन्होंने तय किया था कि फसल बीमा योजना ऋणी किसानों के लिए अनिवार्य है और वो बीमा किसान की फसल का नहीं बल्कि बैंकों के लोन का होता था. हमने तय कर दिया अब यह योजना अनिवार्य नहीं रहेगी. शिवराज सिंह ने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार फसल बीमा योजना चलाती थी तो गैर ऋणी किसान आते ही नहीं थे, अब गैर ऋणी किसानों के भी 5 करोड़ से ज्यादा आवेदन आए हैं, जिनमें 35,000 करोड़ रुपये के किसान प्रीमियम पर 1.72 लाख करोड़ रुपए किसानों के खाते में देने का काम मोदी सरकार के कार्यकाल में हुआ है.
किसानों की आय बढ़ाना सरकार का मकसद
कृषि कल्याण मंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. केंद्र सरकार कृषि एवं किसान कल्याण के लिए संकल्पित है और लगातार इस क्षेत्र में काम कर रही है. कृषि मंत्री ने सदन में नारियल, फसल बीमा योजना, प्राकृतिक खेती और ई-नाम (e-NAM) योजना सहित कई योजनाओं व गतिविधियों के संबंध में विस्तार से अपनी बात रखते हुए कृषि एवं किसान कल्याण को लेकर केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं. लोक सभा में एक घंटे के प्रश्नकाल के दौरान लगभग 40 मिनट तक शिवराज सिंह ने कृषि एवं किसान कल्याण पर अपनी की बातें रखी.
नारियल उत्पादन में भारत नंबर वन
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज नारियल उत्पादन में भारत दुनिया में पहले स्थान पर है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014-15 के दौरान नारियल उत्पादन 140 लाख मीट्रिक टन था, जो अब बढ़कर 153.29 लाख मीट्रिक टन हो गया है. विश्व में हमारी उत्पादकता सबसे अधिक है. आंध्रप्रदेश में उत्पादकता 11 मीट्रिक टन है. उन्होंने आंध्रप्रदेश के किसानों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उन्होंने उत्पादकता के नए रिकार्ड स्थापित किए हैं. आंध्रप्रदेश में नारियल उत्पादन बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं. पिछले 10 वर्षों में आंध्रप्रदेश में कुल नारियल क्षेत्र का विस्तार 12,391 हेक्टेयर किया गया है, जिससे 12,406 किसान लाभान्वित हुए हैं. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (ICAR) ने भी लगातार प्रयत्न किए हैं कि जो अलग-अलग प्रकार की बीमारी नारियल के पामट्री पर आती है, उस पर शोध किया जाएं और शोध करने के बाद उनसे निपटने के लिए अनेक उपाय किए गए हैं. कर्नाटक व केरल में कीटों और बीमारियों की समस्या के लिए किसानों को 50.56 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई है.शिवराज सिंह ने कहा कि केरल हो, कर्नाटक या तमिलनाडु, जब ऐसी बीमारियां आती हैं तो हम लगातार प्रयत्न करते हैं कि बीमारियों का नियंत्रण भी किया जाएं और किसानों को सहायता भी दी जाए.
फसल बीमा योजना किसानों के लिए वरदान
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना देश के किसानों के लिए वरदान बनकर आई है. आज यह बीमा आवेदनों के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना है. कृषि राज्य का विषय है और ये योजना स्वैच्छिक है. इसलिए योजना को चुनना राज्य की इच्छा पर निर्भर करता है. 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस योजना का चयन किया है. लेकिन कुछ राज्य या केंद्र शासित प्रदेश अपने यहां की योजना भी चलाते हैं. कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के नुकसान की भरपाई हो यह मोदी सरकार की नीति है और इसलिए ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी योजना बनी है.
उन्होंने बताया मध्यप्रदेश में केले का बहुत अच्छा उत्पादन होता है. मध्यप्रदेश में केले के नुकसान पर 2 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से राहत की राशि दी जाती है. पहले जो फसल बीमा योजना थी वह बहुत डिफेक्टिव थी. कई बार मुआवजा मिलने में 1 साल का समय लग जाता था. लेकिन अब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत यह तय किया गया है कि फसल कटाई के अधिकतम एक महीने के बाद राज्य सरकार रिपोर्ट भेजे और वह रिपोर्ट मिलने के बाद फसल नुकसान का जो दावा है, उसका भुगतान किसानों को मिल जाए. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने तय किया है कि अगर राज्य सरकार उपज के आंकड़े भेज दें और उसमें बीमा कंपनी देरी करेगी तो उन्हें 12% ब्याज देना पड़ेगा.
e-NAM पोर्टल
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमने छोटे किसानों को कवर करने का पूरा प्रयास किया है, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को ई-नाम के संचालन हेतु स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए फंड दिया जा रहा है. किसानों को अपने उत्पाद कहीं और न ले जाना पड़े, वो मंडी में ही e-NAM प्लेटफॉर्म के साथ व्यापार कर सके. इसके लिए बिहार की 20 बाजार समितियों को e-NAM प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत करने का काम किया गया है. भारत सरकार ने e-NAM प्लेटफार्म में मंडियों को जोड़ने का लगातार प्रयत्न किया है. 23 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों की 1410 मंडियों को e-NAM प्लेटफार्म से जोड़ा गया है.