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KCC News: मोदी राज में डबल हो गई किसान क्रेडिट कार्ड की रकम, 7.72 करोड़ किसानों को हुआ लाभ

Kisan Credit Card: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 सालों के कार्यकाल के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड अकाउंट्स में ऑपरेटिव यानी सक्रिय रकम डबल हो गया है. साल 2024 के मार्च महीने में केसीसी अकाउंट में ऑपरेटिव रकम जहां के केवल 4.26 लाख करोड़ रुपये था वो दिसंबर 2024 में डबल से भी ज्यादा 10.05 लाख करोड़ रुपये हो चुका है. किसान क्रेडिट कार्ड अकाउंट्स में ऑपरेटिव यानी सक्रिय रकम के डबल होने के मतलब है कि किसान को कृषि और उससे जुड़ी दूसरी गतिविधियों के लिए दिए जाने वाले अफोर्डेबल वर्किग कैपिटल लोन में भारी बढ़ोतरी आई है.
वित्त मंत्रालय ने किसान क्रेडिट कार्ड के तहत ऑपरेटिव रकम के डेटा जारी किया है. इस डेटा के मुताबिक मार्च 2014 से लेकर दिसंबर 2024 के बीच सक्रिय किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की राशि ₹10 लाख करोड़ को पार कर गई जो मार्च 2014 में केवल 4.26 लाख करोड़ थी. इससे 31 दिसंबर 2024 तक कुल 7.72 करोड़ किसानों को लाभ मिला है.
वित्त मंत्रालय के मुताबिक किसान क्रेडिट कार्ड के तहत ऑपरेटिव रकम में भारी उछाल कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों के लिए किसानों को दिए जाने वाले किफायती वर्किंग कैपिटल लोन की मात्रा में शानदार बढ़ोतरी का संकेत देता है. यह कृषि में क्रेडिट में बढ़ोतरी होने और के साथ गैर-संस्थागत क्रेडिट यानी किसानों के साहूकारों पर निर्भरता में कमी को भी दर्शाता है.
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) एक बैंकिंग प्रोडक्ट है जो किसानों को बीज, उर्वरक और कीटनाशक जैसी कृषि वस्तुएं खरीदने के साथ-साथ फसल उत्पादन और इससे जुड़ी गतिविधियों से संबंधित नकदी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए समय पर और किफायती लोन प्रदान करता है. 2019 में, केसीसी योजना को लाभ पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों की वर्किंग कैपिटल आवश्यकताओं को कवर करने के लिए विस्तार किया गया था.
भारत सरकार, संशोधित ब्याज अनुदान योजना (Modified Interest Subvention Scheme) के तहत, केसीसी के माध्यम से 3 लाख रुपये तक के शॉर्ट टर्म कृषि लोन को 7% प्रति वर्ष की रियायती ब्याज दर पर प्रदान करने के लिए बैंकों को 1.5% की ब्याज छूट प्रदान करती है. समय पर लोन चुकाने वाले किसानों को 3% का अतिरिक्त इंसेंटिव जुया जाता है जिससे किसानों के लिए ब्याज दर को प्रभावी ढंग से घटाकर 4% तक कर देता है. 2 लाख रुपये तक का लोन कोलेट्रल-फ्री आधार पर दिए जाते हैं, जिससे छोटे और सीमांत किसानों के लिए क्रेडिट की पहुंच बिना परेशानी के सुनिश्चित होती है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश करते हुए किसान क्रेडिट कार्ड में संशोधित ब्याज छूट योजना के तहत लोन की सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा की है जिससे किसानों को और भी लाभ होगा और अब वे ज्यादा लोन ले सकेंगे.