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प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत 100 जिलों में बढ़ जाएगी किसानों की इनकम!

PM Dhan-Dhaanya Krishi Yojana: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को लॉन्च करने का एलान किया जिसका मकसद ऐसे 100 जिलों में कृषि का विकास करना है जहां उत्पादकता बेहद कम है, सिंचाई की बेहतर व्यवस्था नहीं है और कर्ज लेने के मामले में भी बेहद पिछड़ा है. वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि आंकाक्षी जिलों के कार्यक्रम को मिले सफलता के प्रेरित होकर सरकार अब प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (Prime Minister Dhan-Dhaanya Krishi Yojana) शुरू करने जा रही है.
क्या है प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना?
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत 100 जिलों को कृषि जिलों के तौर पर विकसित किया जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम (Aspirational Districts Programme) की सफलता के बाद सरकार राज्यों की भागीदारी में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना शुरु करेगी. इस कार्यक्रम में मौजूदा योजनाओं और विशिष्ट उपायों के माध्यम से कम उत्पादकता, कम फसलों की बुआई और औसत से कम कृषि लोन मानदंडों वाले 100 जिलों को शामिल किया जाएगा. इसका योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाने, फसलों की विविधता, सतत कृषि पद्धतियों को अपनाना, पंचायत और प्रखंड स्तर पर उपज भंडारण बढ़ाना, सिंचाई की सुविधाओं में सुधार करना और लंबी अवधि और छोटी अवधि के लिए आसानी से कर्ज उपलब्ध कराना है. इस कार्यक्रम से 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलने की संभावना है.
किसानों की बढ़ेगी इनकम
केंद्रीय कृषि-कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि, प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना शुरू की जाएगी, जहां कृषि उत्पादकता कम है. ऐसे 100 जिलों में कम उत्पादकता के कारणों का पता लगाया जाएगा. बीज, कीटनाशक, उवर्रक जैसे बेहतर इनपुट कैसे और कितना डालें इसके लिए भी किसानों को गाइड किया जायेगा. पानी का कुशल प्रबंधन, फसल का विविधिकरण, प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस की चेन, लोन से ना केवल कृषि की उत्पादकता बढ़ेगी बल्कि ये योजना ऐसे जिलों में लगभग 1 करोड़ 70 लाख किसानों की आय में वृद्वि का कारण बनेगी. कृषि मंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के चलते फसल के बाद नुकसान भी कम होंगे और इस दिशा में लगातार प्यास किए जा रहे हैं.