कारोबार
अरहर दाल की महंगाई से मिलेगी राहत! सरकार ने लिया बड़ा फैसला

Tur Dal Import Policy: तुअर दाल की महंगाई से आम लोगों को राहत नहीं मिल रही है. ऐसे में केंद्र सरकार ने बगैर किसी रोकटोक और बिना इंपोर्ट ड्यूटी के तुअर दाल के आयात की अवधि को बढ़ाने का फैसला किया है. सरकार ने तुअर दाल के लिए मुक्त आयात नीति (Free Import Policy) को अगले साल 31 मार्च, 2026 तक के लिए बढ़ा दिया है.
तुअर दाल की फ्री इंपोर्ट पॉलिसी की बढ़ी अवधि
विदेश व्यापार महानिदेशालय ( Directorate General of Foreign Trade) ने 20 जनवरी 2025 को इस दिशा में एक नोटिफिकेशन जारी किया है. इस नोटिफिकेशन के मुताबिक, ‘तुअर दाल के फ्री इंपोर्ट पॉलिसी को 31 मार्च, 2026 तक के लिए बढ़ा दिया गया है. मुक्त श्रेणी के तहत उत्पादों यानी फ्री इंपोर्ट पॉलिसी के तहत आने वाले प्रोडक्ट्स के आयात पर किसी प्रकार का कोई अंकुश नहीं होता है. अरहर दाल की कीमतों में तेज उछाल के आने के बाद से सरकार ने 15 मई, 2021 से ‘फ्री इंपोर्ट पॉलिसी’ के तहत तुअर के आयात की अनुमति दी थी. इसके बाद, समय-समय पर फ्री इंपोर्ट पॉलिसी की व्यवस्था को एक्सटेंड किया जाता रहा है.
आम लोगों को महंगे दाल से मिलेगी राहत
केंद्र सरकार के तुअर यानि अरहर दाल के इंपोर्ट के ड्यूटी फ्री आयात की अवधि को एक साल यानि 31 मार्च 2026 तक बढ़ाने के फैसले से आम लोगों को सस्ती दाल उपलब्ध कराई जा सकेगी. सरकार के तमाम कोशिशों के बावजूद घरेलू बाजार में तुअर दाल की कीमतों में अब तक कमी नहीं देखने को मिली है खासतौर से रिटेल मार्केट में. दाल की ऊंची कीमतों के मद्देनजर केंद्र सरकार ने पिछले दिनों कई फैसले लिए हैं जिसमें अरहर दाल की स्टॉक लिमिट को घटाने और और उसकी अवधि को बढ़ाना शामिल है. जमाखोरी को रोकने और अरहर दाल के बाजार में उचित मुल्य पर उपलब्धता बढ़ाने के मकसद से ये फैसला लिया गया है.इसके बावजूद तुअर दाल की महंगाई से राहत नहीं मिल रही है.
2 साल में 28 फीसदी महंगी हुई अरहर दाल
पिछले एक साल की अवधि के दौरान अरहर दाल की कीमतों पर नजर डालें तो 21 जनवरी 2024 को अरहर दाल का औसत मुल्य 151.79 रुपये किलो थी जो एक साल बाद 21 जनवरी 2025 को 151.44 रुपये प्रति किलो है. पिछले एक सालों में तुअर दाल की महंगाई बरकरार है जबकि 21 जनवरी 2023 को तुअर दाल की औसत कीमत 11.47 रुपये प्रति किलो थी. यानी दो वर्षों में तुअर दाल की कीमतों में 27 फीसदी का उछाल आया है.